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मंगलवार, 30 मार्च 2010

शादी सानिया की.....

टेनिस स्टार सानिया मिर्जा की पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक के साथ शादी की तैयारी जोर-शोर से शुरू हो गई है। मंगलवार को सानिया ने मां के साथ दिल्ली पहुंचकर पूरे परिवार के लिए पाकिस्तान का वीजा हासिल किया। रात में अपने शहर लौटने के बाद सानिया ने कहा कि हैदराबाद में शादी होगी और उसके बाद लाहौर में भी रिसेप्शन होगा।

सानिया से जब लाहौर में दावत की तारीख के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। वैसे, बताया जा रहा है कि निकाह 11 अप्रैल को हैदराबाद में होगा। लाहौर में 16 या 17 अप्रैल को दावत दी जाएगी।

शादी के बाद भविष्य की योजनाओं के बारे में सानिया ने कहा कि मैं और शोएब, दुबई में रहेंगे। सानिया के मुताबिक, शोएब के पास दुबई में घर और वहां की नागरिकता पहले से ही है। शोएब के बारे में पूछे गए सवाल पर टेनिस खिलाड़ी ने कहा कि मैं उन्हें सात सालों से जानती हूं।


जब उनसे पूछा गया कि शादी के बाद भारत-पाक मैच के दौरान किसका समर्थन करेंगी, तो उन्होंने कहा कि भारत के साथ-साथ अपने पति को चीयर करूंगी। उन्होंने कहा कि वह अपनी भारतीय नागरिकता नहीं छोड़ेंगी और 2012 ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

इससे पहले दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग से वीजा हासिल करने के बाद सानिया की मां नसीमा मिर्जा ने कहा, 'हम खुश हैं। हमें वीजा मिल गया है... तो हम पाकिस्तान की यात्रा पर जाएंगे।' सानिया ने खुद शादी के बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैं किसी सवाल का जवाब नहीं दूंगी।' नसीमा ने कहा कि उनका परिवार सानिया के फैसले से खुश है। उन्होंने कहा, 'हम उसके साथ हैं और उसके सुखी भविष्य की कामना करते हैं।' सानिया की मां ने टेनिस स्टार की बचपन के दोस्त सोहराब मिर्जा के साथ सगाई के बारे में बात करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले में जो कुछ हुआ मैं उस पर टिप्पणी नहीं करना चाहती। हम अब आगे के बारे में सोच रहे हैं।

अब देखते रहिये क्या-क्या तमाशा होता है....इस शादी में ?
[साभार नवभारत टाइम्स]

रविवार, 21 मार्च 2010

किन्नर भी बनेंगे पेंसनर !

GOOD NEWS FOR THE EUNUCHS.नाच-गाकर गुजर-बसर करने वाले राजधानी के किन्नरों को अब पेंशन मिलेगी। MCD ने फैसला लिया है कि राजधानी में रहने वाले लगभग साढ़े तीन लाख किन्नर हर महीने एक हजार रुपये पेंशन पाने के हकदार हैं। एमसीडी की इस योजना से आर्थिक तंगी से गुजर रहे विशेषकर बुजुर्ग किन्नरों को सहारा मिलेगा।

सालों से कोशिश की जा रही थी कि दिल्ली के किन्नरों से कोई काम लिया जाए ताकि वे अपने पारंपरिक नाच-गाने के काम से छुटकारा पा सकें। एमसीडी ने विचार भी किया था कि किन्नरों को प्रॉपर्टी टैक्स की उगाही के काम में लगाया जाए, लेकिन बात जम नहीं पाई। अब एमसीडी ने उन्हें पेंशन देने का निर्णय लिया है। इसे लेकर निगम की पिछली बैठक में एमसीडी की महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति ने प्रस्ताव पेश किया था, जिसे मंजूर कर लिया गया है।
[साभार-नवभारत टाइम्स]

रविवार, 7 मार्च 2010

मासूम की क्या गलती थी...?

उल्फत में अवाम हुआ तो क्या हुआ,
अपने वतन को संभालना तो सब को आता है,
मगर अपने ही गैर हुए तो इसमें कौन क्या करे ....
क्योँ नहीं जवाब देती हुकूमत? क्योँ नहीं करती कोई मुख्त्लिब शियाशी कोशिश....क्या बिगाड़ा था उस मासूम ने ? जिसन अभी दीन और दुनिया का मतलब भी ना पता हो....जिसे अपने पराये का अहसास न हो...फिर भी ऐसा सब कुछ हुआ जिसे देख कर सुन कर कम से कम इंसानियत को एक बार तो शर्म शार होना ही पड़ेगा....जिसके मां बाप साथ समुन्दर पार कमाने-खाने निकले थे, और जो अपनी जिंदगी के कुछ हसीं पलों को अपने बचे हुए जिंदगी के साथ बिताने की जद्दोजहद दिन रात कर रहे थे...उनका नूर अब इस जिंदगी में नहीं रहा....!

खबर मीडिया /अखबारों से सबको मिली, देखी पढ़ी सबने....लेकिन हुकूमत की पर्तिक्रिया शून्य....हमारी हुकूमत ने तो न उनके राजदूत को बुलाया ना अपने आप कोई बात की...शर्म की बात है बयान बाज़ी सिर्फ मीडिया द्वारा ही होने लगी और कुछ नहीं.....ऐसा सब कुछ होना विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में अपने आप में बहुत कुछ कहता है और दर्शाता भी है......सामाजिक ताना बाना को देखें तो दोनू मुल्कों की अपनी अलग शियासत, संस्कृति,और रहन सहन है. मगर एक सभ्य समाज में क्या ऐसा होना अच्छी बात है? लोगों का रहना-सहना, मिलना जुलना बेशक अलग हो लेकिन स्वरुप तो वही होगा....वो तो नहीं बदल सकता....सोच तो कहीं ना कहीं मानवता पर टिकती है...? फिर ऐसा क्योँ ? क्योँ इंसान कभी कभी इतना दरिंदा हो जाता है....क्या बिगाड़ा ठोस मासूम ने...?जिसने अभी पूरी तरह से दुनिया भी नहीं देखि थी...यह बात ना केवल उस देश के लिए बल्कि हमारे देश में भी ऐसे ही ना जाने कितने हादसे होते हैं....और रोज रोज ऐसे घटना होना शर्मनाक है...वाकई शर्मनाक! मासूम गुर्शन सिंह चन्ना के कतल के मामले में एक भारतीय आदमी पकड़ा गया है जो अपने माता पिता के साथ छुटियाँ मनाने गया था....ऑस्ट्रेलिया और पंजाब का रहने वाला था. इसकी जितनी भत्सर्ना की जाए कम है और जिसने किया है उसको तो ऐसी सजा मिलनी चाहिए जिसे दुनिया देखे.