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शनिवार, 22 मई 2010

मेंगलुरु हवाई हादसा...अपनों ने अपने खोये....

समय सुबह 6 बजकर 3 मिनट, आसमान में एयर इंडिया का एक विमान हवा के साथ बातें करते हुए मेंगलुरु हवाई अड्डे पर उतरने की तैयारी में था..... इसमें सवार 158 लोग और छः क्रू मेंबर भी सवार थे. ये सभी दुबई से अपने वतन भारत रहे थे. एक विदेशी पाइलट और एक इंडियन पाइलट इस जहाज को उड़ा रहे थे....दूसरे वतन से अपने वतन लौट आने की इंतज़ार में उनके परिजन पूरी रात नहीं सो पाए थे.... ही दुबई से उड़ने के बाद वे सभी लोग जो अपनों से मिल पाने की ख़ुशी में इंतज़ार की हद पार कर पार रहे थे..एक एक पल उनके लिए मुश्किल होती जा रही थी.....
बोइंग 737-800 एयर क्राफ्ट को छः बजकर 3 मिनट पर जैसे ही लैंड करने के लिए एटीसी से हरी झंडी मिली, हवाई जहाज नीचे रन वे की तरफ दौड़ने लगा. ..थोड़ी दूर रन वे पर पहुचते ही ये क्या ...?जहाज रन वे से बाहर जाने लगा...और कुछ सेकंड्स के अन्दर हवाई अड्डे के साथ बने गड्ढों में जा गिरा..और एक ब्लास्ट हुआ जिसमे सिर्फ आठ भाग्यशाली लोगों को छोड़ कर बाकी मौत के मुह में शमा गए. ....बताया जाता है कि लैंडिंग के वक्त प्लेन का टायर फट गया और उसकी लेफ्ट विंग में आग लगगई। पायलट प्लेन पर कंट्रोल खो बैठा। प्लेन सीधे रनवे की फेंसिंग तोड़ते हुए खाई में जा गिरा। प्लेन के परखच्चे उड़ गए और उसमें आग लग गई। इसके लिए जिम्मेदार कौन, क्योँ इतने लोगों की जान गई? कौन है असल में जिम्मेदार इस हादसे का?इसका जवाब आने वाले दिनों में सरकार को देना पड़ेगा. आंखिर ना जाने कितने परिवार तबाह हो गए...... जाने कितने लाल चले गए इस दुनिया से...

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